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Bihar Weather News: 15 अगस्त को 18 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट, पांच जिलों में Orange Alert

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Bihar Weather: स्वतंत्रता दिवस पर बिहार के 18 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी, पांच जिलों में ऑरेंज और 13 जिलों में येलो अलर्ट।

पटना, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिहार में जहां देशभक्ति के रंग में लोग सराबोर हैं, वहीं मौसम ने भी अपना रुख बदलने के संकेत दिए हैं। शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर बिहार के पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 13 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस समारोहों के बीच मौसम को लेकर प्रशासन और आम लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

सबसे ज्यादा असर उत्तर-पश्चिम बिहार के इलाकों में देखने को मिल सकता है। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी, पश्चिम चंपारण के बेतिया, गोपालगंज, सीवान और सारण के छपरा में मौसम के अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। इन जिलों में कई स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने वालों और उनमें शामिल होने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम के लिहाज से सबसे संवेदनशील इलाकों में शामिल इन जिलों में अचानक मौसम बदलने की स्थिति लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। सुबह मौसम सामान्य रहने के बाद दोपहर या शाम के समय बादलों के तेजी से सक्रिय होने की स्थिति में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो सकती है। गरज के दौरान वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।

इसके अलावा राज्य के 13 जिलों में येलो अलर्ट की स्थिति बताई गई है। इनमें औरंगाबाद, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर और मुजफ्फरपुर समेत अन्य प्रभावित इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भी आंधी, बारिश, मेघगर्जन और ठनका गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

पटना में भी बदल सकता है मौसम

राजधानी पटना में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मौसम को लेकर लोगों की नजर आसमान पर रहेगी। सुबह के समय बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम रहने से सुबह आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर मौसम का बड़ा असर पड़ने की संभावना फिलहाल कम है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ मौसम में बदलाव हो सकता है।

दोपहर बाद बादलों के सक्रिय होने की स्थिति में तेज हवा, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यदि बारिश नहीं हुई तो वातावरण में नमी और उमस बढ़ने से लोगों को गर्मी परेशान कर सकती है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

अगले 24 घंटे में भारी बारिश नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान बिहार में व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत तेज रह सकती हैं। इसी वजह से कुछ जिलों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।

मानसून के दौरान वज्रपात सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आता है। कई बार बारिश शुरू होने से पहले ही बिजली चमकने और तेज गर्जना के साथ ठनका गिर सकता है। इसलिए मौसम खराब होने के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना, खुले मैदान में रहना या बिजली के खंभों के आसपास रुकना जोखिम भरा हो सकता है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सलाह के मुताबिक आंधी-तूफान या वज्रपात की स्थिति बनने पर लोगों को खुले स्थान से हटकर सुरक्षित और पक्के भवन में चले जाना चाहिए। खेतों, मैदानों, तालाब या नदी किनारे मौजूद लोगों को मौसम खराब होते ही सुरक्षित स्थान की ओर जाना चाहिए।

स्वतंत्रता दिवस समारोहों में भी सुरक्षा पर जोर

15 अगस्त को राज्यभर में स्कूलों, सरकारी कार्यालयों, पंचायतों और सार्वजनिक स्थानों पर ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में मौसम की चेतावनी को देखते हुए आयोजकों को खुले मैदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा।

तेज हवा की स्थिति में अस्थायी टेंट, मंच, होर्डिंग, बैनर और बिजली से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होगी। किसी भी कार्यक्रम स्थल पर अचानक मौसम बिगड़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था पहले से रखना जरूरी है।

बिहार में मानसून के दौरान मौसम का मिजाज तेजी से बदलता रहा है। एक ही जिले के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता भी अलग हो सकती है। इसलिए किसी एक स्थान पर मौसम सामान्य रहने का मतलब यह नहीं है कि आसपास के इलाकों में भी स्थिति वैसी ही रहेगी।

स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और खुले मैदान में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच सबसे जरूरी संदेश यही है कि आसमान में गरज-चमक शुरू होते ही लोग खुले स्थानों से हटकर सुरक्षित जगह पर पहुंचें।

बिहार में आज का दिन उत्सव और उल्लास का है, लेकिन मौसम का बदला मिजाज सावधानी की भी मांग कर रहा है। पांच जिलों में ऑरेंज और 13 जिलों में येलो अलर्ट के बीच लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए। स्वतंत्रता दिवस का उत्सव जरूर मनाएं, लेकिन मौसम की चेतावनी के साथ सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दें।

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मौसम की चेतावनी के बीच उत्सव में सुरक्षा जरूरी

स्वतंत्रता दिवस देश के लिए गौरव और उत्साह का पर्व है। ऐसे दिन हर नागरिक अपने तरीके से देशभक्ति का प्रदर्शन करना चाहता है। लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में उत्सव से ज्यादा जरूरी लोगों की सुरक्षा हो जाती है।

बिहार में मानसून के दौरान अचानक आंधी और वज्रपात की घटनाएं चिंता का कारण बनती हैं। इसलिए प्रशासन को आयोजन स्थलों पर मौसम की स्थिति के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखनी चाहिए। खासकर खुले मैदानों में होने वाले कार्यक्रमों में तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक जोखिम न लें। पेड़ के नीचे खड़े होकर बारिश से बचने की कोशिश करना या खुले मैदान में मोबाइल फोन के साथ खड़े रहना सुरक्षित विकल्प नहीं है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए।

देशभक्ति का उत्साह तभी सार्थक है, जब उसके साथ नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। मौसम की चेतावनी को डर के रूप में नहीं, बल्कि समय रहते सावधान करने वाली सूचना के रूप में लेना चाहिए।

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